RuchiHarsh

RuchiHarsh

भगवान, ईश्वर, खुदा..... नाम चाहे कोई भी हो सब का अर्थ पूर्ण आत्मा से है। पूर्णआत्मा अर्थात परमात्मा... जैसे भगवान कृष्ण जिस समय, जिस भाव, जिस चरित्र में भी खड़े हुए वह क्षण स्वयं में ही पूर्ण हो गया। एक संपूर्ण चरित्र, और जब कोई परम आत्मा कोई शरीर, कोई भी शरीर धारण करके धरती पर अवतरित होती है तो एक दिव्या रोशनी सरीखे ज्ञान का पथ सदा-सदा के लिए पीछे छोड़ जाती है , हमें तो सिर्फ उस पर चलना है और रास्ते में शांति और प्रेम खुद-ब-खुद साथ हो जाएंगे।ऐसा ही दिव्य पथ है- श्रीमद्भगवद्गीता चलिए मिलकर इस परम ग्रंथ को जानने की और इस पथ पर चलने की कोशिश करते हैं।रुचि"हर्ष"#ruchikikalam

Listen in your app

Episodes

No episodes yet.